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Vision 2017-19

Vision 2017-19

Vision-2017-19

भगवान महावीर की आज्ञा  अनगामी आचार्य श्री भिक्षु ने एक धार्मिक क्रांति की शुरुआत की जिससे तेरापंथ की नींव रखी गई। तेरापंथ धर्मसंघ के 9वें आचार्य श्री तुलसी ने समय एवं परिस्थितियों को देखते हुए महसूस किया कि युवाशक्ति ही एक ऐसी धारा है जिनके विचारों और दक्षताओं से विकसित समाज की रतना संभव है। 17 सितंबर, 1964 लालकोठी, बीकानेर में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की नींव रखी गई, आज 11वें आचार्य श्री महाश्रमण जी के मार्गदर्शन में अभातेयुप एक वट वृक्ष के रूप में 341 शाखा (भारत और नेपाल) 40000 युवाओं के साथ में निरंतर बढ़ रहा है व समाज की प्रगति के लिए तत्पर है।

विजन

आचार्य श्री तुलसी के प्रयासों की आधारशिला पर अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की नींव रखी गई है। युवाओं के लिए बना यह एक ऐसा मंच है जो उनके नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हुए उन्हें समाज के प्रति समर्पित बनाता है। युवा सोच और जोश को संस्कारों से सिंचित कर सफल भविष्य का वृक्ष तैयार करना ही अभातेयुव का लक्ष्य है। सेवा भाव से निर्मित यह गैर सरकारी संगठन 2020 में विश्व का सबसे बड़ा युवा संगठन बनकर उभरेगा।

मिशन

विजन और मिशन को साथ लेकर चलना ही लक्ष्य प्राप्ति का मार्ग होता है। युवा सोच को संगठित कर एक बेहतर समाज तैयार करना अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद का मिशन है। अपनी सोच को साक्षात रूप देने के लिए अभातेयुप ऐसे युवाओं का स्वागत करता है जो जीवन को एक लक्ष्य में साधना चाहते हैं।

स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास सुविधाएं, प्रतिभा की खोज, साधु-साध्वी की सेवा एवं आध्यात्मिक व व्यक्तित्व विकास जैसी कई गतिविधियों द्वारा सभी युवाओं को प्रशिक्षित करते हुए सामाजिक कल्याण करना है।