Choka Satkar

Jain Satkar

आचार्यप्रवर की सेवा में देश-विदेश से आने वाली युवा शक्ति के लिए चौका ‘सत्कार’ निरंतर गतिशील है| इसी व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाने के लिए अपेक्षित संसाधनों से युक्त नए चल वहां का प्रारम्भ पुज्य्प्रवर की सन्निधि में किया गया| पुज्य्प्रवर के शब्दों में “एक तरह का मोबाइल हाउस”| युवको में संस्कार का संचार हो| युवक रस्ते की सेवा के साथ-साथ गोचरी सम्बन्धित सभी जानकारियों से अवगत हो इसी उद्देश्य से निरंतर गतिमान है| सत्कार में कोई भी परिषद् या परिवार एक माह की सेवा ले सकता है| उसके लिए अनुदान 2,00,000/- प्रति माह रखा गया है| उस माह के अंतर्गत सम्बन्धित अनुदानदाता का बेनर लगाया जायेगा|