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Eye Donation

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अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा मरनोपरांत नेत्रदान की प्रेरणा दी जा रही है। इस हेतु देश भर में अभातेयुप के निर्देशन में कार्यरत सभी शाखा परिषदों के माध्यम से नेत्रदान हेतु सहमति पत्र भरवाकर जन जन में नेत्रदान जागरूकता का अभियान चलाया जा रहा है । अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद All India Eye Bank Association की सदस्य है एवं पूरे भारत में सभी Eye Bank से संपर्क कर लगभग सभी क्षेत्रों में नेत्रदान करवाने में सक्षम हो सकती है। भारतवर्ष में लगभग सभी राज्यों के बड़े शहरों में Eye Bank है। परिषद Eye Bank से संपर्क कर टीम बुलाकर नेत्रदान करवा सकती है।

नेत्रदान महादान - अभातेयुप का महान अवदान

अभातेयुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विमल जी कटारिया व महामंत्री श्री संदीप जी कोठारी के नेतृत्व में अभातेयुप के बैनर तले नेत्रदान की जागृति अभियान न केवल तेरापंथ समाज मे अपितु लगभग देश भर में आ अनेक वर्ग,क्षेत्र व समुदाय में नेत्रदान हेतु जागरूकता का महनीय कार्य किया जा रहा है ।

अभातेयुप नेत्रदान-महादान प्रकल्प के रास्ट्रीय सयोजक से बजरंग सुराणा द्वारा  नेत्रदान हेतु उलेखनीय कार्य किया जा रहा है । अनेक समाचार पत्रों व मीडिया के माध्यम से मरणोपरांत नेत्रदान के समाचार प्रायः  देश भर से प्रतिदिन प्राप्त हो रहे है ।

क्या आपने कभी सोचा .. बिना आंखों वालों का दर्द.. आंखों पर आधे घंटे काली पट्टी बांधकर .. .. तो हम उनके दर्द को भली-भांति समझ पाएंगे..

अभातेयुप ने उनके दर्द को उनकी पीड़ा को समझा.. और लोगों को जीते जी नेत्रदान का शपथ पत्र भरने के लिए भी लगातार प्रेरणा प्रदान कर रही है। तथा लगातार जागरूक रहकर मरणोपरांत लोगों के परिवार वालों को नेत्रदान दान के लिए प्रेरित करती है। ताकि जिनके आंखों में रोशनी नहीं है उन्हें रोशनी मिले।

नेत्रदान महादान रूपी इस महान सोच को इस महान काम के लिए नेत्रदाता के परिवारों को हजारों साधुवाद

अपेक्षा के साथ निवेदन है कि अपने क्षेत्र में, आस-पास,सगे-सम्बन्धियो में अगर किसी की मृत्यु हो जाती है तो आप उनके परिवारजन को प्रेरणा देकर अवश्य नेत्रदान करावे
मृत्यु के 6 घण्टे पश्चात तक मृतक की आंखे काम आ सकती है
मनुष्य की मृत्यु के बाद उसका शरीर मिट्टी में विलीन हो जाता है लेकिन
आपका और हमारा एक प्रयास उनकी आंखों को जिंदा रख सकता है और उनकी आंखों से कम से कम 2 व्यक्तियों को रोशनी मिल सकती है
आइए मानवता की इस महान सेवा में हम सभी योगभूत बने ।
सम्भवतःसम्पूर्ण भारतवर्ष में सभी जगह नेत्रदान कराया जा सकता है


नेत्रदान महादान

 

नेत्रदान संबंधित कुछ जानकारी

किसी की मृत्यु पर तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए?

नेत्रदाता की पलकें बंद करें। पंखा व एसी बंद करें। नेत्रदाता का सिर तकिए के नीचे रखकर थोड़ा ऊपर उठाएं। जल्द से जल्द आईबैंक के नंबर पर कॉल करें।

क्या नेत्रदाता को अस्पताल ले जाने की आवश्यकता होती है?

नहीं, आपको केवल नेत्र बैंक की टीम से संपर्क करने की जरूरत है। आई बैंक की टीम तुरंत पहुंचेगी और कॉर्निया निकाल लेगी।

क्या डायबिटिक या कैंसर मरीज नेत्रदान कर सकते हैं?

जो लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं या कैंसर के मरीज हैं वो भी नेत्रदान कर सकते हैं। यहाँ तक की जो लोग चश्मा लगाते हैं या जिनको हाई ब्लडप्रेशर की समस्या हो वो भी नेत्रदान कर सकते हैं।

अगर मृतक व्यक्ति ने पंजीकरण नहीं किया है तो क्या उसके फॅमिली के लोग नेत्रदान की अनुमति दे सकते हैं?

जी हाँ अगर मृतक व्यक्ति ने अपना पंजीकरण नहीं करवाया है तो उसके आकस्मिक मृत्यु के बाद उसके परिजन या कोई निकट सम्बन्धी आईबैंक को जानकारी देकर, सारी प्रक्रिया को पूरा करके मृतक व्यक्ति का नेत्रदान करवा सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से लीगल है।

क्या नेत्रदान में किसी तरह की धार्मिक समस्या होती है?

अक्सर लोगों के पास कई तरह के सवाल होते हैं कि उनके धर्म में आँख या कोई भी अंग को दान करने की इजाजत है कि नहीं। कुछ धर्मों में किसी भी अंग को दान करने की इजाजत नहीं होती है। जबकि यह काम किसी भी धर्म से ऊपर होता है इससे आप किसी को नई जिंदगी दे सकते हैं

क्या BLIND लोग नेत्रदान कर सकते हैं?

ऐसे लोग जो BLIND होते हैं वो भी अपनी आँखे दान कर सकते हैं बशर्ते कि उनकी कॉर्निया खराब ना हुई हो। इस समय भी कई ऐसे लोग हैं जिनकी कॉर्निया पूरी तरह सुरक्षित रहती है। यदि कॉर्निया सही स्थिति में है तो वो लोग भी आराम से नेत्रदान कर सकते हैं।

आम भ्रम है कि नेत्रदान में पूरी आंख निकाल ली जाती है, लेकिन यह सच नहीं है। मृत्यु के बाद दान दाता की आंख पूरी तरह सुरक्षित रहती है। सिर्फ आंखों के ऊपरी भाग से एक छोटी और पतली झिल्ली निकाली जाती है, जिसे काॅर्निया कहते हैं। यह लैंस की तरह काम करती है।

तो आइए मानवता को महान कार्य में अपना योगदान दीजिए मरणोपरांत नेत्र दान करने का संकल्प लीजिए..