अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद्

युद्ध भूमि में योद्धा तपे, सूर्य तपे आकाश,
तपस्वी साधक अंदर से तपे, करे कर्मों का नाश ।।

भगवान ने कर्म निर्जरा के अनेक उपाय बताए हैं जिसमें तप को सर्वोतम उपाय है। जिस प्रकार मिट्टी, जल एवं बीज की अनुकूलता होने पर वनस्पति लहलहा उठती है, ठीक उसी प्रकार चातुर्मास में प्राकृतिक वातावरण भी अनुकूल होता है। चारित्रात्माओं के सान्निध्य में हमें तपस्या करने की प्रेरणा मिलती है। 15 से 45 वर्ष तक किशोर व युवक ने इस चातुर्मास काल में कोई भी उपवास, बेला या उससे अधिक कोई भी तपस्या की है तो कृपया वो जानकारी प्रदान करावें ।

विमल कटारिया - अध्यक्ष

संदीप कोठारी - महामंत्री